Motor Vehicle Act 2019 | मोटर व्हीकल एक्ट 2019 क्या है?

Motor Vehicle Act 2019

01 सितम्बर 2019 से केन्द्र ने देश में Motor Vehicle Act 2019 लागू किया है। आइए जानते हैं, मोटर व्हीकल एक्ट या मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 में नया क्या है?

केंद्र सरकार ने केंद्रीय मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में बदलाव करने के उद्देश्य से संसद के दोनों सदनों में नवीन संशोधित Motor Vehicle Act 2019 या मोटर व्हीकल एक्ट पेश किया था। दोनों सदनों में पर्याप्‍त बहुमत से पारित होने के बाद इसे 9 अगस्त 2019 को देश के राष्ट्रपति ने भी अपनी सहमति प्रदान कर कानून का रूप दिया गया।

राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद ही केंद्र सरकार ने नए संशोधित एक्ट के 63 उपबंधों को पूरे देश में एक साथ लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इस नोटिफिकेशन में एक्‍ट के 63 उपबंधों को 1 सितंबर 2019 से पूरे देश में लागू किए जाने योजना बनाई गई है।

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Kendriya Motor Vehicle Rules 1989 main Badlav ka Karan | केंद्रीय मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में बदलाव का कारण

आज देश में आम जनता द्वारा यातायात नियमों का धड़ल्ले से तोड़ा जाता है। परिणाम स्‍वरूप सड़क दुर्घटना के मामले में भारी वृद्धि देखने को मिली है। इसी कारण पुराने मोटर व्‍हीकल एक्‍ट में संशोधन की आवश्यकता को महसूस किया जा रहा था।

देश के लोगों में यातायात नीयमों का पालन करने संबंधी रूझान में कमी पायी गई। लोग यातायात नियमों को धड़ल्‍ले से तोड़कर थोड़ा जुर्माना अदाकर आसानी से बच निकलते थे। इस प्रकार के लोगों द्वारा यातायात नियमों को तोड़ने का हरजाना रास्ते पर चलने वाले राहगीरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता था।

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Act main Naveen 63 Upband ke Sath Purane bhi Shamil | एक्ट में नवीन 63 उपबंध के साथ पुराने भी शामिल

केंद्र सरकार ने लोगों द्वारा यातायात नियमों के कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्‍य से भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। जिसके लिए नवीन यातायात संशोधित एक्ट के अन्‍तर्गत 63 उपबंधों को 1 सितंबर 2019 से पूरे देश में एक साथ लागू किये जाने का फैसला किया गया है।

इस संबंध में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार वे सभी उपबंध जिनमें बदलाव करने की आवश्यकता नहीं है, को जस की तस लागू करते हुए नया ड्राफ्ट तैयार करने की योजना बनाई गई है। इन सभी बकाया उपबंधों के संबंध में ड्राफ्ट के पूर्ण होते ही परिवहन मंत्रालय द्वाररा नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

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Motor Vehicle Act 2019 main Jurmana | मोटर व्‍हीकल एक्‍ट 2019 में जुर्माना

1 सितंबर 2019 को पूरे देश में मोटर व्हीकल एक्ट के 63 उपबंधों को एक साथ लागू किया जाएगा। इसके लागू होते ही देश के नागरिकों द्वारा ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 10 गुना तक अधिक जुर्माना देना होगा। इन 63 उपबंधों में निहित धाराओं के अंन्‍तर्गत मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 में नया क्या है, जुर्माना का प्रावधान समझने का प्रयास करते हैं :-

बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 5000 का जुर्माना

नवीन संशोधित कानून के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते हुए पाया जाता है, तो उसे ₹5000 रूपए का जुर्माना चुकाना होगा। इससे पूर्व बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले वाहन चालक से ₹500 रूपए वसूले जाते थे।  

इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी रूप से बिना लाइसेंस के अनाधिकृत वाहन चलाता हुआ पकड़ा जाता है, तो उस पर भी ₹5000 रूपए जुर्माना लगेगा। इससे पहले ₹1000 रुपए की वसूली की जाती थी।

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर भी भारी जुर्माना

नए नियम के अनुसार यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर गाड़ी चलाता हुआ पकड़ा जाता है, तो पहली बार पकड़े जाने पर उसे ₹10000  रूपए जुर्माना चुकाना होगा या तो 6 माह की सजा काटनी होगी। दूसरी बार भी यदि वह वही गलती दोहराते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे ₹15000 रूपए का अर्थदंड अथवा 2 साल की सजा भुगतनी होगी।

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यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी जुर्माना

यदि किसी व्यक्ति द्वारा यातायात के नियमों का उल्लंघन करना पाया जाता है, तो नए नियमों के अनुसार संबंधित व्यक्ति से ₹500 रूपए का चालान वसूला जाएगा। इससे पहले इस यातायात नियम के उल्‍लंघन पर ₹100 रुपए वसूल किये जाते थे।

इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को क्षमता से अधिक दो पहिया वाहन पर ओवरलोडिंग करते हुए पाया जाता है, तो उसे पूर्व में निर्धारित ₹100 रूपए के अर्थदंड के स्थान पर ₹2000 रूपए वसूला जाएगा।

नाबालिक के वाहन चलाने पर बरती गई सख्ती

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के मुताबिक नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने हेतु विशेष तौर पर पाबंदी लगाने के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई नाबालिक व्‍यक्ति वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे ट्रेफिक नियमों के उल्‍लंघन हेतु ₹10000 रूपए पेनाल्‍टी के तौर पर अदा करने होंगे।

ओवर स्पीड पर भी बढ़ाया गया जुर्माना

नवीन नियम में ओवर स्पीड वाहनों के लिए भी जुर्माना अधिक किया गया है। इसी के तहत एलएलबी वाहन के लिए ₹1000 तथा मीडियम पैसेंजर व्हीकल के लिए ₹2000 रूपए का अर्थदंड वसूलने का प्रावधान किया गया है। इससे पूर्व इसके लिए ₹400 रूपए का अर्थदंड़ देना होता था।

ओवर स्पीड वाहन चलाने के अलावा खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर ₹1000 रूपए के स्‍थान पर ₹5000 रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इन सबके अलावा तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर या अनधिकृत तरीके से रेस लगाने पर ₹500 रूपए के स्थान पर ₹5000 का जुर्माना लगाया जाएगा।

बिना परमिट के वाहन चलाने का बढ़ाया गया जुर्माना

संशोधित कानून के अंतर्गत यदि कोई वाहन चालक बिना वाहन परमिट के सड़क पर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है,तो उसे कम से कम ₹10000 रूपए का जुर्माना अदा करना होगा। इस संशोधित कानून से पहले बिना परमिट वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर ₹5000 रूपए का जुर्माना लिया जाता था।

नई धारा 193 के अंतर्गत लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने पर

लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर नई धारा 193 के अंतर्गत 25000/- से ₹100000/- रूपए तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान किया गया है।

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बिना गाड़ी बीमा के गाड़ी चलाने पर जुर्माना

गाड़ी का बीमा नहीं होने पर भी गाड़ी चलाते हुए पाए जाने पर पूर्व में निर्धारित ₹1000 रूपए के स्थान पर ₹2000 रूपए पेनाल्‍टी के तौर पर यातायात विभाग वसूल करेगा।

मोटर वाहन एक्ट की नई धारा 199 का उल्लंघन

नवीन संशोधित Motor Vehicle Act 2019 में नाबालिगों के लिए नई धारा 199 को जोड़ा गया है। इस घारा का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर संबंधित दोषी नाबालिग के अभिभावक अथवा वाहन स्वामी को दोषी समझा जाएगा। इस नियम के उल्लंघन के आधार पर संबंधित पर 25000 रूपए का जुर्माना अथवा 3 साल की सजा का प्रावधान किया गया है।

या फिर ये दोनों ही लागू किए जा सकते हैं। इसी धारा के अंतर्गत नाबालिक व्यक्ति द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दायर किये जाने का प्रावधान भी किया गया है। इसके साथ ही संबंधित वाहन का पंजीयन निरस्त भी किया जा सकता है।

हिट एंड रन के मामले पर नया कानून

संशोधित Motor Vehicle Act 2019 या मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के अंतर्गत कोई वाहन चालक किसी व्यक्ति को ठोकर मार कर वहां से भाग जाता है, तो उस पर हिट एंड रन का केस बनता है। इस घटना में पीड़ित व्यक्ति को ₹200000 रूपए तक का मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। इसके पहले यह राषि ₹25000 रूपए मात्र ही थी।

बिना हेलमेट के गाड़ी चलाते हुए पकडे जाने पर

बिना हेलमेट के गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर वाहन चालक को पूर्व में निर्धारित ₹100 रूपए जुर्माने के स्थान पर ₹1000 रूपए का जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा संबंधित व्यक्ति के लाइसेंस को 3 महीने तक सस्पेंड कर दिये जाने का प्रावधान किया गया है।

संबंधित अथॉरिटी के कर्मचारी अधिकारी द्वारा नियमों का उल्लंघन होने पर

यदि यातायात व्‍यवस्‍था से संबंधित अथॉरिटी के कर्मचारी/अधिकारी द्वारा यातायात के नियमों का उल्लंघन करना पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु नई धारा 210b जोड़ी गई है। इस नई धारा के तहत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए धारा 210b का उल्लंघन स्वरूप धारा में निहित जुर्माने का दोगुना जुर्माना वसूल किया जाएगा।

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